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Tuesday, November 30, 2021

171.16 लाख से बन रहे भवनों के निर्माण कार्य पर ठेकेदार की लापरवाही के चलते उठ रहे गुणवत्ता पर सवाल फिर भी प्रशासन मौन...



रेवांचल टाइम्स.. समनापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समनापुर के पास नेशनल हेल्थ मिशन के तहत हाउसिंग बोर्ड के माध्यम से बन रहे स्वास्थ्य कर्मी आवास परिसर की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भवन की नींव तैयार करने के लिए गिट्टी और रेत का मिश्रण मनमर्जी से बनाया जा रहा है। इसमें पत्थर की रेत मिलाई जा रही है। इंजीनियर इस तरह बन रहे मकानों की अधिकतम उम्र पांच से सात साल बता रहे हैं। जबकि समनापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में बन रहे आवासों की पोल कार्य प्रारंभ होने के बाद से ही खुलने लगी है। पिलर और दीवारें खड़ी करने के लिए बुलवाई गई रेत जगह-जगह पड़ी है, जो पाउडर की तरह दिखाई पड़ रही है। इसके बाद भी अधिकारी सब कुछ सही बता रहे हैं।


शिकायत पर नहीं ध्यान


 आरोप है कि मुताबिक हाउसिंग बोर्ड द्वारा 171.16 लाख की लागत से स्वास्थ्य कर्मियों के लिए जो सरकारी आवास बनाए जा रहे हैं, उसमें घटिया निर्माण सामग्री उपयोग हो रहा है। मौके पर ऐसा कोई इंजीनियर तैनात नहीं है और न ही एजेंसी की ओर से कोई ऐसा इंजीनियर मौके पर नजर आता है। बाहर से बुलाए गए मजदूर, रेत, गिट्टी और सीमेंट मिक्चर तैयार करके पिलर बनाने में लगे हैं।


प्राक्कलन विरुद्घ अमानक वस्तुओं से बन रहा भवन


 स्थानीय लोगों की मानें तो ठेकेदार के द्वारा उक्त भवन निर्माण शासकीय प्राक्कलन के विरुद्घ अमानक वस्तुओं का प्रयोग करके किया जा रहा है। तकनीकी प्राक्कलन में रेत का प्रयोग किया जाना है, लेकिन पत्थर की रेत डस्ट का प्रयोग किया जा रहा है। लाखों की बन रही आवासों की नींव तैयार करने में निम्न कोटि व पतले लोहे के सरिया का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही सीमेंट की मात्रा जुडाई व ढलाई कार्य में बहुत कम प्रयोग में लाई जा रही है। आरोप लगाया गया कि आवास भवन की नींव में पुरानी कच्ची ईंटों को लगाया जा रहा है। उसकी गुणवत्ता लैंड प्राक्कलन के बिल्कुल विरुद्घ है।


अकुशल श्रमिक बना रहे भवन 


 ठेकेदार द्वारा अपने एक कर्मचारी को रखकर उसके माध्यम से अकुशल श्रमिकों द्वारा आडा टेढा भवन का कायाकल्प तैयार कराया जा रहा है। भवन निर्माण का राज मिस्त्री व श्रमिकों को अनुभव न होने के कारण भवन का सही लागत के अनुसार निर्माण नहीं होने की बात कही जा रही है।


भविष्य में हो सकता है खतरा :


 अमानक स्तर के वस्तुओं का प्रयोग व अनुभवहीन श्रमिकों द्वारा निर्माण कराए जाने से आवास भवन की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस भवन में शासन द्वारा लाखों रुपये खर्च कर स्वास्थ्य कर्मियों के आशियाने का इंतजाम किया जा रहा है, लेकिन ठेकेदार द्वारा अनियमितता की जा रही है, जिससे भवन आने वाले कुछ वर्षों में ही जर्जर होने लगेगा। गुणवत्ताहीन भवन ज्यादा दिन तक नहीं टिकने की संभावना भी लोग जता रहे हैं। लोगों द्वारा बताया गया कि भविष्य में जानमाल को भी खतरा हो सकता है।


इनका कहना है


निर्माण कार्य में डस्ट व पतले सरिया लगाने की सूचना मिली है। मौके पर जाकर देखती हूं।

सुरुचि परते, उपयंत्री डीएचएस, नेशनल हेल्थ मिशन।



रेवांचल टाइम्स से प्रमोद पड़वार की खास रिपोर्ट सच के साथ 

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